🙏 श्री राम वार्षिकोत्सव 🙏
मर्यादा पुरुषोत्तम के दिव्य जीवन, आदर्शों और अयोध्या की महिमा का उत्सव
📜 रामचरितमानस की चौपाइयाँ
श्रीरामचंद्र कृपालु भज मन,
हरण भवभय दारुणम्।
रघुकुल रीति सदा चली आई,
प्राण जाए पर वचन न जाई।
राम नाम मणि दीप धरु जीह देहरी द्वार।
तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजियार॥
🪔 दीपों की अलौकिक छटा
🏹 अयोध्या – श्रीराम की पावन नगरी
सरयू तट पर बसी पवित्र नगरी केवल एक नगर नहीं, बल्कि धर्म, भक्ति और मर्यादा का जीवंत प्रतीक है। श्रीराम का जीवन हमें सत्य, त्याग और करुणा का मार्ग दिखाता है।

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